72 घंटे में अपहरण कांड का खुलासा, 20 लाख की फिरौती मांगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार

 

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 24 जून 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। मरवाही थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अपहरण और फिरौती प्रकरण का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते अपहृत ग्रामीण को सकुशल मुक्त करा लिया गया, वहीं वारदात को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन तथा पुलिस पहचान का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो-एन वाहन भी बरामद की गई है।

जानकारी के अनुसार 20 जून 2026 को ग्राम उषाढ़ निवासी 41 वर्षीय गिरीश यादव का उनके घर से हथियार के बल पर अपहरण कर लिया गया था। बदमाशों ने उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर अज्ञात स्थान पर ले जाकर बंधक बना लिया। घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर मरवाही थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

अपहरणकर्ताओं द्वारा पीड़ित के परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। जिला साइबर सेल और मरवाही पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया।

लगातार निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय के बाद पुलिस ने अपहृत गिरीश यादव को सुरक्षित बरामद कर लिया तथा महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र के लातूर निवासी पुंडलिक केंद्रे, राजस्थान के जोधपुर निवासी चंद्रशेखर तथा उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी शेषपाल सिंह शामिल हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर विभिन्न राज्यों में आवागमन कर रहे थे। उनके कब्जे से एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा नीली बत्ती एवं पुलिस प्लेट लगी स्कॉर्पियो-एन वाहन जब्त की गई है।

पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड पर लिया है। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों तथा देश के विभिन्न हिस्सों में की गई संभावित वारदातों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। इस कार्रवाई में मरवाही पुलिस, जिला साइबर सेल तथा विभिन्न पुलिस अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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