कोरबा, 21 अगस्त 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। बालको वन परिक्षेत्र में अवैध पेड़ कटाई और वनभूमि पर अतिक्रमण के मामले को लेकर रेंजर जयंत सरकार पर लगे गंभीर आरोपों ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने वन मंत्री केदार कश्यप को पत्र लिखकर रेंजर के खिलाफ मिल रही शिकायतों की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। कोरबा प्रवास के दौरान वन मंत्री के सामने जब इस मामले का जिक्र हुआ तो उन्होंने इसके बारे में जानकारी नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों से मौके पर ही पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी।
मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों से सवाल किया कि इतने गंभीर मामले की जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। बताया गया कि शिकायतों और पत्राचार के बावजूद मामले में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों के गोलमोल जवाब पर मंत्री ने नाराजगी जताई और पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कर ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अवैध पेड़ कटाई, लकड़ी तस्करी और वनभूमि पर अतिक्रमण जैसे मामलों को किसी भी स्तर पर संरक्षण मिलना गंभीर विषय है। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत जानकारी तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय को भी पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
👉 उद्योग मंत्री के पत्र की जानकारी तक नहीं पहुंचने पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि उद्योग मंत्री द्वारा रेंजर के खिलाफ कार्रवाई और जांच की मांग को लेकर वन मंत्री को पत्र लिखे जाने के बावजूद संबंधित मामले की जानकारी वन मंत्री तक स्पष्ट रूप से क्यों नहीं पहुंची। क्या जिले के DFO विभाग के ऊंचे पद पर बैठे किसी अधिकारी की भूमिका के कारण मामला दबा रहा? या फिर विभागीय स्तर पर शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया? वन मंत्री के सामने अधिकारियों से जवाब मांगे जाने के बाद अब इन सवालों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, इन सवालों का वास्तविक जवाब जांच और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल मंत्री द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने से मामले में कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
👉 सीएसईबी कॉलोनी से काटी गई साल की लकड़ी का मामला भी चर्चा में
कुछ समय पहले कोरबा पूर्व स्थित सीएसईबी कॉलोनी से काटी गई साल की लकड़ी को वन विभाग के डिपो में जमा कराने के बजाय अभनपुर, रायपुर भेजे जाने का मामला भी सुर्खियों में रहा था। इस मामले में एक लकड़ी तस्कर और वन विभाग के अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ की चर्चा सामने आई थी। लकड़ी तस्कर के खिलाफ जिले के सिविल लाइन थाना में एफआईआर भी दर्ज है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर अब तक किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
👉 शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, मंत्री ने मांगा जवाब
अवैध पेड़ कटाई और वनभूमि पर अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस सवाल पर मंत्री ने मौके पर ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी मांगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन संपदा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतें सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
👉 वन मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण
वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप अपने दो दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान कोरबा नगर के अशोक वाटिका पहुंचे। यहां उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत साल पौधे का रोपण किया। उन्होंने कहा कि जंगल और प्राकृतिक स्थल हम सभी की साझा धरोहर हैं। इनका संरक्षण, संवर्धन और आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना सभी का दायित्व है।
👉 सतरेंगा और बुका को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की तैयारी
मंत्री कश्यप ने जिले के सतरेंगा और बुका जैसे प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हाउस बोट जैसी सुविधाओं की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक स्थलों का विकास इस तरह किया जाना चाहिए कि पर्यटन को बढ़ावा मिले और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित हो।
👉 किंग कोबरा और रसेल वाइपर के संरक्षण पर जोर
मंत्री ने जिले में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने किंग कोबरा एवं रसेल वाइपर के संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। इसके अलावा अशोक वाटिका में अधोसंरचना विकास के साथ पुरानी बस्ती कोरबा स्थित वन विभाग के पुराने डिपो को सुंदर उद्यान के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
👉 हाथी-मानव द्वंद्व पर बोले मंत्री, ‘गज संकेत एप’ से मिल रहा लाभ
हाथी-मानव द्वंद्व को लेकर वन मंत्री ने कहा कि कोरबा के हाथी प्रभावित गांवों का दौरा किया गया है। जिन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही है, वहां ‘गज संकेत एप’ के माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों के मूवमेंट की जानकारी तत्काल मिल रही है। उन्होंने इसे संचार का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि अब इसे पूरे राज्य में लागू किया गया है।
मंत्री ने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व को कम करने के लिए लगातार नए प्रयोग और नवाचार किए जा रहे हैं। उनके अनुसार पिछले कुछ समय में हाथियों से संबंधित घटनाओं में मृत्यु दर में 50 से 60 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
👉 पुटका पहाड़ में पर्यावरणीय पुनरुद्धार कार्यों का निरीक्षण
कोरबा प्रवास के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने कोरबा वन मंडल के बालको वन परिक्षेत्र अंतर्गत पुटका पहाड़ क्षेत्र का भ्रमण कर पर्यावरणीय पुनरुद्धार एवं पुनर्स्थापना कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों और पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा वन्यजीवों के अनुकूल वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने बालको और लेमरू वन परिक्षेत्र के विभिन्न वन क्षेत्रों का भ्रमण कर प्राकृतिक वनस्पतियों, वन्यजीवों की स्थिति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने पुटका पहाड़ क्षेत्र में तेजी से फैल रही बाहरी प्रजाति की झाड़ियों के उन्मूलन, प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के प्रयासों की भी समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान हाथियों की आवाजाही और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के उपायों पर अधिकारियों से चर्चा की गई। मंत्री ने जलग्रहण क्षेत्रों के समुचित प्रबंधन और वन्यजीवों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
👉 राम कचहरी में पूजा-अर्चना कर मंदिर निर्माण के निर्देश
पुटका पहाड़ भ्रमण के दौरान मंत्री कश्यप प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल राम कचहरी पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र के पारंपरिक मेलों, त्योहारों और धार्मिक-सांस्कृतिक मान्यताओं की जानकारी ली।
ग्रामीणों की आस्था को देखते हुए मंत्री ने राम कचहरी परिसर में काष्ठ से निर्मित मंदिर के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय आस्था और परंपराओं से जुड़े स्थलों के संरक्षण के साथ क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत को भी सुरक्षित रखना आवश्यक है।
👉 ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
मंत्री ने पुटका पहाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और मूलभूत आवश्यकताओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने क्षेत्र में आवश्यक जनसुविधाओं से संबंधित विषय मंत्री के सामने रखे। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा उपलब्ध जनसुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, प्रभारी कलेक्टर एवं निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, गोपाल मोदी, जोगेश लाम्बा, हितानंद अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।






