मुंबई/रायपुर 12 अप्रैल 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)| भारतीय संगीत जगत के लिए आज का दिन अत्यंत दुखद रहा। अपनी जादुई आवाज़ से सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
शनिवार को सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को उनकी हालत गंभीर हो गई और डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर से बॉलीवुड सहित देश-विदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
अतुलनीय संगीत यात्रा
आशा भोसले का जाना भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत माना जा रहा है। उन्होंने अपने करियर में हर तरह के संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
उनकी प्रमुख उपलब्धियां:
• गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड – दुनिया में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकारों में शामिल
• विविधता – शास्त्रीय, पॉप, गजल, भजन और कैबरे हर शैली में महारत
• सम्मान – पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित
• भाषाएं – हिंदी सहित 20 से अधिक भाषाओं में 12,000+ गीत
अंतिम दर्शन और राजकीय सम्मान
प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गज हस्तियों ने उनके निधन को भारतीय संस्कृति के लिए “अपूरणीय क्षति” बताया है। उनकी बहन लता मंगेशकर के बाद अब उनका जाना मंगेशकर परिवार के लिए बड़ा आघात है।
उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित आवास पर रखा जाएगा। सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने जताया शोक
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा जी की मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ ने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
निष्कर्ष:
आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज़ और उनका योगदान सदैव अमर

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