दुर्ग 14 फरवरी 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में दो मुख्य फरार आरोपी बीएन पांडेय और संजय पंडित ने जिले की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। भिलाई महिला थाना में 30 जनवरी को एफआईआर दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। करीब 13 दिन बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया।
इस मामले में पुलिस ने पहले 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच के दौरान एक अन्य आरोपी अमित वर्मा को गिरफ्तार किया गया। अब तक कुल 7 आरोपी इस प्रकरण में सामने आ चुके हैं।
सरकारी विभागों से जुड़े आरोपी, प्रभाव का दुरुपयोग करने का आरोप
आरोपियों में गोविंद सिंह ठाकुर, जो पीडब्ल्यूडी का सेवानिवृत्त कर्मचारी है, पर पीड़िता की मां को नौकरी दिलाने के बहाने शोषण का रास्ता खोलने का आरोप है। राजू कश्यप, जो पीडब्ल्यूडी में टाइमकीपर है, पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी है। उसने मां-बेटी को विभागीय क्वार्टर दिलवाया था।
बीएन पांडेय, जो फिशरीज विभाग का रिटायर्ड कर्मचारी है, पर अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप है। संजय पंडित, पीडब्ल्यूडी का ठेकेदार, पर होटल और अन्य स्थानों की व्यवस्था कर शोषण में सहयोग करने का आरोप है।
अनिल चौधरी पर खुद को रसूखदार बताकर दुष्कर्म करने का आरोप है, जबकि विजय अग्रवाल, जो शहर के एक होटल का मैनेजर बताया गया है, पर भी दुष्कर्म का आरोप है। अमित वर्मा पर आरोपियों के लिए झूठी कहानियां गढ़कर होटल की व्यवस्था करने का आरोप है।
सात वर्षों तक शोषण का आरोप
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के साथ करीब सात वर्षों तक दुष्कर्म और शोषण किया गया। घटना की शुरुआत 2018 में तब हुई जब पीड़िता की मां को नौकरी दिलाने के नाम पर दुर्ग बुलाया गया था। सरकारी दफ्तरों, रेस्ट हाउस और अन्य स्थानों पर कथित रूप से दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। लॉकडाउन के दौरान पीड़िता अपने गृह नगर लौट गई थी, लेकिन बाद में फिर से दबाव और धमकियों का सिलसिला शुरू हुआ।
ब्लैकमेल, धमकी और दबाव का आरोप
पीड़िता के अनुसार, अश्लील फोटो-वीडियो के माध्यम से उसे ब्लैकमेल किया गया और नौकरी से हटाने की धमकी देकर शोषण जारी रखा गया। 2025 में एक होटल में भी दुष्कर्म की घटना सामने आई। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़िता ने अपने मंगेतर को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई।
पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक सभी 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में जारी है।

