कोरबा 27 फरवरी 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा बरपाली तहसील अंतर्गत प्रस्तावित 1600 मेगावाट क्षमता विस्तार परियोजना के लिए आयोजित जनसुनवाई शुक्रवार को हजारों लोगों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह जनसुनवाई कोरबा पावर लिमिटेड (केपीएल), पताड़ी की 800-800 मेगावाट की दो नई इकाइयों के विस्तार प्रस्ताव को लेकर आयोजित की गई थी।
कलेक्टर कोरबा के निर्देशानुसार 27 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे ग्राम सरगबूंदिया स्थित शासकीय स्कूल मैदान में जनसुनवाई आयोजित की गई। कार्यक्रम में पीठासीन अधिकारी के रूप में अतिरिक्त कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर साहू उपस्थित रहे। साथ ही एसडीएम सरोज कुमार महिलांगे, कार्यपालक अभियंता प्रसन्ना सोनकर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
परियोजना की ओर से अदाणी पावर लिमिटेड के पर्यावरण विभाग प्रमुख आर.एन. शुक्ला ने प्रस्तावित क्षमता विस्तार की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। लगभग ढाई घंटे चली इस जनसुनवाई में बरपाली तहसील के खोड्डल, पताड़ी, सरगबूंदिया, पहंदा, बरीडीह, तिलकेजा सहित कुल 12 ग्रामों के हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया।
95 प्रतिशत लोगों ने किया समर्थन
जनसुनवाई में उपस्थित लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीणों ने परियोजना के समर्थन में अपनी सहमति व्यक्त की। ग्रामीणों ने क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधोसंरचना विकास को लेकर सकारात्मक अपेक्षाएं व्यक्त कीं।
ग्राम सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि संयंत्र के विस्तार से क्षेत्र में विकास के नए आयाम खुलेंगे और हजारों स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
ग्रामीणों ने गिनाए विकास कार्य
रिसदिहापारा की श्रीमती भारती कुर्रे ने कहा कि संयंत्र के संचालन के बाद गांवों में सोलर लाइट, सड़क सुधार, शिक्षा सामग्री वितरण जैसे कार्यों में तेजी आई है। विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, ज्योमेट्री बॉक्स सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे आसपास के गांवों को लाभ मिला है।
ग्राम पहंदा की सरपंच श्रीमती संगीता कंवर ने बताया कि परियोजना के आने के बाद गांव में पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सामाजिक सरोकारों के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं से ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है।
15 वर्षों से संचालित है 600 मेगावाट संयंत्र
उल्लेखनीय है कि बरपाली तहसील स्थित संयंत्र में सब-क्रिटिकल तकनीक पर आधारित 300-300 मेगावाट की दो इकाइयां, कुल 600 मेगावाट क्षमता के साथ, पिछले लगभग 15 वर्षों से संचालित हैं। सामाजिक दायित्वों के तहत लगभग 25 हजार से अधिक आबादी वाले 12 से अधिक गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उन्नयन एवं आधारभूत संरचना विकास के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
कंपनी ने जताई प्रतिबद्धता
जनसुनवाई के अंत में परियोजना प्रमुख वी.के. प्रसाद ने कहा कि क्षमता विस्तार से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया। जनसुनवाई की सफलता पर उपस्थित ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के विकास को लेकर आशा व्यक्त की।

