👉 NDPS केस, ई-साक्ष्य और त्रुटिहीन विवेचना पर जोर, 800 से ज्यादा मामलों की समीक्षा
👉 श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज ने आयोजित की रेंज के अभियोजन अधिकारियों की समीक्षा मीटिंग
बिलासपुर, 30 अप्रैल 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। बिलासपुर रेंज में बढ़ते दोषमुक्ति मामलों को लेकर पुलिस महानिरीक्षक (IG) राम गोपाल गर्ग ने सख्त रुख अपनाया है। IG कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में फरवरी 2026 के दोषमुक्ति प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में जांजगीर, रायगढ़, कोरबा, मुंगेली और पेण्ड्रा जिलों के अभियोजन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कुल 815 मामलों (106 सत्र न्यायालय + 709 अन्य न्यायालय) का विश्लेषण किया गया।
IG गर्ग ने स्पष्ट कहा कि विवेचना के दौरान छोटी-छोटी प्रक्रियात्मक त्रुटियां अभियोजन पक्ष को कमजोर कर देती हैं, जिसका सीधा फायदा आरोपियों को मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विवेचना को आधुनिक तकनीकों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप मजबूत बनाया जाए।
👉 बैठक की मुख्य बातें:
त्रुटिहीन और वैज्ञानिक विवेचना पर जोर
अपील योग्य मामलों में नियमित अपील करने के निर्देश
ई-साक्ष्य और घटनास्थल की वीडियोग्राफी अनिवार्य करने पर बल
NDPS मामलों में विशेष सतर्कता और प्रक्रियागत शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
संयुक्त संचालक अभियोजन आशीष झा ने बताया कि कई मामलों में छोटी चूक के कारण आरोपी बरी हो जाते हैं, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।
अंत में IG गर्ग ने कहा कि यदि विवेचना मजबूत और साक्ष्य पुख्ता होंगे, तो आने वाले समय में सजा की दर में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी।

