कोरबा 14 जून 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से अपेक्षित लाभ नहीं मिलने के बाद कोरबा के एक परिवार ने आयुर्वेदिक उपचार का सहारा लिया और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से राहत प्राप्त करने का दावा किया है। पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी राजमणि सोंठीया ने बताया कि उनके परिवार के तीन सदस्यों को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से आयुर्वेदिक चिकित्सा के माध्यम से लाभ मिला।
राजमणि सोंठीया के अनुसार उनके पुत्र को लंबे समय से साइनस की समस्या थी। लगातार सर्दी-जुकाम, सांस लेने में कठिनाई और कमजोरी के कारण उसका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था। रायपुर और बिलासपुर सहित कई स्थानों पर उपचार कराने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तथा चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने कोरबा के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा से संपर्क किया। नाड़ी परीक्षण के पश्चात दिए गए उपचार से उनके पुत्र की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और लगभग तीन माह में उसे राहत मिली।
राजमणि सोंठीया ने बताया कि बाद में वे स्वयं डेंगू से पीड़ित हो गए थे। स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होने पर उन्होंने पुनः आयुर्वेदिक उपचार लिया। उनका कहना है कि चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाओं के सेवन से उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और वे स्वस्थ हो गए।
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी को गांठ (लंप) की समस्या थी, जिसके लिए विभिन्न स्थानों पर उपचार कराया गया था। ऑपरेशन की संभावना जताए जाने के बाद उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सा का विकल्प चुना। उनके अनुसार नियमित उपचार के बाद समस्या में सुधार हुआ तथा बाद में कराई गई जांच रिपोर्ट सामान्य आई। वर्तमान में उनकी पत्नी स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
इस संबंध में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है, जिसका उद्देश्य शरीर की प्राकृतिक संतुलन व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक उपचार के सकारात्मक परिणामों से लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
राजमणि सोंठीया ने अपने अनुभव साझा करते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सा के प्रति आभार व्यक्त किया तथा लोगों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेकर आयुर्वेद को भी एक विकल्प के रूप में अपनाने की अपील की।

