कोरबा 3 अगस्त 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। सावन के पहले सोमवार को कोरबा जिले के भैंसमा स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में एक कोबरा सांप निकलने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई,सूचना मिलते ही कोरबा से वन्यजीव रेस्क्यू विशेषज्ञ एवं नोवा नेचर के जितेंद्र सारथी तत्काल भैंसमा पहुंचे और पूरी सावधानी एवं वैज्ञानिक तरीके से कोबरा का सफल रेस्क्यू किया।
सावन माह में भगवान शिव और नाग देवता की विशेष पूजा की जाती है ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र माह में नाग देव के दर्शन शुभ माने जाते हैं, इसी कारण लोगों ने सांप को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेस्क्यू टीम को सूचना दी।
जितेंद्र सारथी ने विशेष उपकरणों की सहायता से कोबरा को सुरक्षित पकड़कर रेस्क्यू बैग में रखा,इसके बाद उसे उसके प्राकृतिक रहवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में जीवन व्यतीत कर सके।
इस अवसर पर जितेंद्र सारथी ने कहा कि सांप हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें बिना वजह नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए,यदि किसी घर, संस्थान या सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई दे तो उसे मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।
उन्होंने यह भी बताया कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में भी आम नागरिक उनसे संपर्क कर सकते हैं,ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचाना चाहिए तथा आवश्यक मार्गदर्शन के लिए रेस्क्यू टीम से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार ही सर्पदंश से जीवन बचाने का सही तरीका हैं।

