बाढ़ के बीच प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन: बीजापुर में 6 कर्मचारी एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बचाए गए, वहीं सक्ती में 6 ग्रामीणों का सफल रेस्क्यू

 

सक्ती/बीजापुर, 27 सितंबर 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। लगातार बारिश और बाढ़ के बीच छत्तीसगढ़ में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। बीजापुर के इन्द्रावती नदी पार माड़ क्षेत्र में फंसे पटवारी एवं सर्वेयर सहित 6 कर्मचारियों को जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित जिला मुख्यालय लाया गया। वहीं, सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र में महानदी के टापू पर फंसे 6 ग्रामीणों का कलेक्टर-एसपी की मौजूदगी में सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।

बीजापुर में 6 कर्मचारियों का एयरलिफ्ट से रेस्क्यू

लगातार बारिश के कारण इन्द्रावती नदी और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बड़ेपल्ली और गुट्टामंगी क्षेत्र में गिरदावरी सर्वे कार्य के लिए गया पटवारी एवं सर्वेयर का 6 सदस्यीय दल बाढ़ के बीच फंस गया था। कर्मचारियों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री विश्वदीप ने तत्काल रेस्क्यू के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने बिना समय गंवाए एयरलिफ्ट की व्यवस्था कर सभी 6 कर्मचारियों को सुरक्षित बीजापुर जिला मुख्यालय पहुंचाया।

जिला अस्पताल में कलेक्टर की मौजूदगी में सभी कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें सभी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई। कलेक्टर ने कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए उनके कार्य की सराहना की।

सक्ती में महानदी के टापू पर फंसे 6 ग्रामीण सुरक्षित

सक्ती जिले में महानदी और बोराई नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने डभरा क्षेत्र का दौरा कर बैराज, पुल एवं नदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान जलस्तर, नदी के बहाव और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर-एसपी की निगरानी में मांजरखुर्द के महानदी टापू में फंसे छह ग्रामीण—दूधनाथ माली, कृष्णा माली, रामशीला माली, बिहारी माली, राजधानी माली और महेशराम माली—का सफलतापूर्वक सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

चंद्रपुर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 4, 5 सहित अन्य क्षेत्रों में भी जलभराव से परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए तीन राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

दोनों जिलों में प्रशासन अलर्ट

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस, राजस्व, नगर सेना, जल संसाधन, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। नदी के जलस्तर, पुल-पुलियों और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ सड़क, पुल और रपटों पर आवागमन अस्थायी रूप से बंद किया गया है।

प्रशासन ने नागरिकों से नदी, पुल, घाट एवं तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। साथ ही तेज बहाव वाले पानी में सेल्फी या वीडियो बनाने से बचने और प्रशासन द्वारा बंद किए गए मार्गों पर जाने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ एवं आपदा की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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