👉 OTP, अनजान लिंक, फर्जी APK, QR कोड और डिजिटल अरेस्ट से बचाव के बताए उपाय
👉 युवाओं और आमजन से साइबर जागरूकता फैलाने की अपील
कोरबा 02 अक्टूबर 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत 01 अक्टूबर 2026 को नगर निगम कोरबा के सभागृह में ‘साइबर चौपाल’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र सहित आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए लोगों को इससे बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन उपस्थित रहे। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत CEO श्री प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री गोपाल मोदी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
मंत्री देवांगन बोले- OTP किसी से साझा न करें
उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने साइबर अपराध को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि आज तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी अपरिचित व्यक्ति द्वारा फोन कर OTP, बैंक संबंधी जानकारी या किसी लाभ का लालच दिया जाए तो किसी भी स्थिति में गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि रायपुर स्थित उनके बंगले में कार्यरत एक कर्मचारी को साइबर ठग का फोन आया था। कर्मचारी द्वारा OTP साझा किए जाने के बाद उसका एक महीने का वेतन ठगी का शिकार हो गया। मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए।
मंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने गांव, मोहल्ले और आसपास के लोगों को साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि कई लोग मोबाइल और डिजिटल तकनीक का पूरी तरह से सुरक्षित उपयोग करना नहीं जानते, ऐसे में जागरूकता के माध्यम से उन्हें साइबर ठगी से बचाया जा सकता है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान
भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर लोगों को सतर्क किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी कई बार सोशल मीडिया से परिवार के सदस्यों की जानकारी जुटाकर माता-पिता को फोन करते हैं और उनके बच्चे के किसी मामले में पकड़े जाने या परेशानी में होने की बात कहकर डराते हैं। घबराए हुए लोग ठगों की बातों में आकर पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की किसी भी घटना में घबराने के बजाय पहले संबंधित व्यक्ति और परिवार से संपर्क कर वास्तविकता कीn पुष्टि करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसा ट्रांसफर न करें और घटना की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें।
साइबर ठगी से बचने सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार
साइबर चौपाल में पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी ने OTP फ्रॉड, अनजान लिंक, फर्जी APK, QR कोड, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
जिला पंचायत CEO श्री प्रतीक जैन ने ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग बढ़ने के साथ डिजिटल सुरक्षा की जानकारी भी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करते समय सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तत्काल जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की। वहीं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने साइबर ठगी के बदलते तरीकों के प्रति सजग रहने तथा परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
मंत्री ने दिलाई साइबर सुरक्षा की शपथ
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने उपस्थित जनसमुदाय को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई। लोगों ने OTP एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा स्वयं और दूसरों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
‘मैं साइबर जागरूक हूं’ सेल्फी बोर्ड बना आकर्षण
साइबर चौपाल में ‘मैं साइबर जागरूक हूं’ सेल्फी बोर्ड भी लगाया गया। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधियों और उपस्थित नागरिकों ने सेल्फी लेकर तथा हस्ताक्षर कर साइबर जागरूकता का संदेश दिया।
साइबर चौपाल के कार्यक्रम में लगा ब्लड डोनेट का कैंप
साइबर जागरूक के कार्यक्रम होने के बाद नेहरू सभागार में रेडक्रास सोसायटी द्वारा ब्लड डोनेट के कैंप में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने अपना ब्लड डोनेट किया। साथ में पुलिस सैनिकों द्वारा भी ब्लड डोनेट किया गया।
15 अगस्त से जिलेभर में चल रहा साइबर जागरूकता अभियान
कोरबा पुलिस द्वारा 15 अगस्त 2026 से साइबर जागृति अभियान के तहत जिलेभर में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूल-कॉलेज, बाजार, ग्राम पंचायतों, सार्वजनिक स्थलों और गणेश पंडालों सहित विभिन्न स्थानों पर आमजन को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। साथ ही साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

