0 आरोपी के तीन स्थायी वारंट भी लंबित
कोरबा 03 अक्टूबर 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। जिले के रजगामार चौकी पुलिस ने ₹7 लाख की कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी हनुमान प्रसाद यादव (38) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर मकान, जमीन और मलबा बेचने का इकरारनामा कर राशि लेने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं कराने तथा उक्त जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता सिकंदर ने चौकी रजगामार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 नवंबर 2023 को हनुमान प्रसाद यादव एवं उसकी पत्नी अनीता यादव के साथ मकान, जमीन एवं मलबे की बिक्री को लेकर इकरारनामा हुआ था। शिकायत के अनुसार इकरारनामा के आधार पर आरोपी पक्ष ने ₹7 लाख प्राप्त किए, लेकिन बाद में न तो संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई और न ही मलबा उपलब्ध कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित जमीन को बाद में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया।
शिकायत के आधार पर रजगामार पुलिस ने अपराध क्रमांक 80/2026 के तहत धारा 420, 34 के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी।
रतनपुर बस स्टैंड से गिरफ्तारी
पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान 1 अक्टूबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश से वापस लौट रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रतनपुर बस स्टैंड पर घेराबंदी कर आरोपी हनुमान प्रसाद यादव को बस से उतरते समय पकड़ लिया।
आरोपी के खिलाफ तीन स्थायी वारंट भी लंबित
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 से जुड़े तीन स्थायी वारंट भी लंबित थे। ये वारंट वर्ष 2022 एवं 2024 के चेक बाउंस से संबंधित मामलों में न्यायालय द्वारा जारी किए गए थे। गिरफ्तारी के बाद इन वारंटों के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
आरोपी को 2 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे 16 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
इस कार्रवाई में चौकी रजगामार प्रभारी उप निरीक्षक विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह एवं प्रधान आरक्षक केरोबीन की विशेष भूमिका रही।
कोरबा पुलिस द्वारा फरार आरोपियों एवं लंबे समय से लंबित स्थायी वारंटों की तामीली के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

