सक्ती, 14 जनवरी 2025 (नवचेतना न्यूज छत्तीसगढ़)। शासन द्वारा लागू की गई सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था आज किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। तकनीक और प्रशासनिक निगरानी के समन्वय से धान विक्रय की प्रक्रिया न केवल सरल हुई है, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। इसी क्रम में विकासखण्ड सक्ती अंतर्गत ग्राम भक्तुडेरा निवासी किसान श्री शांति लाल चौहान की कहानी अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।
श्री शांति लाल चौहान ने बताया कि करीब 10 एकड़ भूमि पर खेती करते हैं, उन्होंने 88.80 क्विंटल धान का विक्रय उपार्जन केंद्र लवसरा में सफलतापूर्वक किया। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा शुरू किए गए ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से उन्हें घर बैठे ही धान विक्रय का टोकन प्राप्त हो गया। पहले जहां टोकन के लिए सोसायटी के चक्कर लगाने पड़ते थे और समय की अधिक खपत होती थी, वहीं अब मोबाइल ऐप ने पूरी प्रक्रिया को सहज, तेज और पारदर्शी बना दिया है। उपार्जन केंद्र में व्यवस्थाओं से संतुष्ट श्री चौहान ने बताया कि धान की आर्द्रता की समय पर जांच की गई, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया गया और तौल, सिलाई एवं स्टेकिंग के लिए पर्याप्त कर्मचारी मौजूद थे। इन सुव्यवस्थित इंतजामों के कारण उनका धान बिना किसी विलंब के खरीदा गया। साथ ही केंद्र में किसानों के लिए बैठक, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी उचित व्यवस्था की गई थी। श्री चौहान ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की व्यवस्था ने खेती को पहले की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी बना दिया है। अपनी संतुष्टि व्यक्त करते हुए किसान श्री शांति लाल चौहान ने किसान हितैषी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी पारदर्शी व डिजिटल तकनीक किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।
