कोरबा 24 फरवरी 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए बदलावों के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कोसाबाड़ी से शुरू हुई रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ते हुए दो बैरिकेड्स तोड़ दिए और तीसरे बैरिकेड तक पहुंच गए, जहां पुलिस बल तैनात रहा। बाद में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा।
सांसद ज्योत्सना चरण दास महंत ने कहा – अधिकार खत्म करने की कोशिश
सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि ग्रामीण गरीबों का कानूनी अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस कानून के मूल अधिकार-आधारित स्वरूप को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, मनरेगा ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा दी है। इसे सीमित प्रशासनिक योजना बनाना ग्रामीण भारत के साथ अन्याय है। पंचायतों और ग्राम सभाओं के अधिकार कम करना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करना है।
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल बोले – मजदूरों पर पड़ेगा सीधा असर
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि मजदूरी भुगतान में अनिश्चितता, काम आवंटन में देरी और ठेकेदारी व्यवस्था को बढ़ावा देने से कानून की मूल भावना समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा, इन परिवर्तनों से बेरोजगारी और पलायन बढ़ेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी। मनरेगा को अधिकार से हटाकर सरकारी सुविधा बना देना गरीबों के हक पर सीधा हमला है।
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल किया जाए । पंचायतों और ग्राम सभाओं को योजना निर्माण, क्रियान्वयन व निगरानी के पूर्ण अधिकार दिए जाएं। वर्तमान महंगाई को देखते हुए मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की जाए।
प्रदर्शन में सांसद के नेतृत्व में ज्योत्सना चरण दास महंत, पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर, कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल, बांकीमोंगरा नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।



