कोरबा, 18 फरवरी 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। नगर की धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने जा रहे 28 मार्च से प्रस्तावित “दिव्य हनुमंत कथा” के भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। आयोजन को ऐतिहासिक, सुव्यवस्थित और गरिमामय बनाने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम कोरबा के सभी पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक पंचवटी विश्राम गृह में आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, पेयजल आपूर्ति, पंडाल एवं मंच निर्माण, पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश सज्जा, श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था तथा नगर सौंदर्यीकरण जैसे बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। प्रत्येक कार्य के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।
बैठक में महापौर संजू देवी, नगर निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, आयोजन समिति अध्यक्ष अमरजीत सिंह एवं सुबोध सिंह की विशेष उपस्थिति रही।
महापौर संजू देवी ने अपने संबोधन में कहा कि “दिव्य हनुमंत कथा” केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कोरबा की सामूहिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का विराट प्रतीक बनेगी। उन्होंने सभी पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आयोजन किसी एक संस्था या वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे कोरबा नगर का उत्सव है, जिसे ऐतिहासिक और आदर्श बनाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भी आश्वस्त किया कि नगर निगम की ओर से आयोजन की हर व्यवस्था में पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्वच्छता, जनजागरूकता और व्यवस्थाओं के समन्वय में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
विशेष रूप से कलश यात्रा की जिम्मेदारी महिला पार्षदों द्वारा संभाले जाने की घोषणा ने बैठक में उत्साह का संचार कर दिया। नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन श्रद्धा और गरिमा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने एक स्वर में आयोजन को सफल, अनुशासित और भव्य बनाने का संकल्प लिया। नगर में “दिव्य हनुमंत कथा” को लेकर श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है।
श्रद्धा, सेवा और संगठन का संगम — कोरबा तैयार है एक ऐसे धार्मिक महाउत्सव के लिए, जो आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा।
अपना घर सेवा आश्रम के संस्थापक राणा मुखर्जी का प्रेरक संदेश
अपना घर सेवा आश्रम के संस्थापक राणा मुखर्जी जी ने कहा कि “दिव्य हनुमंत कथा” जैसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जब पूरा नगर एक साथ श्रद्धा के सूत्र में बंधता है, तब सामाजिक एकता और सद्भाव की नई मिसाल कायम होती है।
राणा मुखर्जी जी ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे परिवार सहित कथा में सहभागी बनें और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने अपना घर सेवा आश्रम की ओर से व्यवस्थाओं में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण और संस्कार ही किसी भी धार्मिक आयोजन की वास्तविक शक्ति होते हैं, और कोरबा इस दिशा में एक नई पहचान स्थापित करने जा रहा है।

