कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा 27 फरवरी 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड स्थित 100 सीटर कन्या छात्रावास में अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य और व्यवहार को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। पिछले कुछ दिनों से यहां रह रही 10 से 12 छात्राओं की तबीयत और गतिविधियां असामान्य बताई जा रही हैं, जिससे परिजनों में चिंता का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, छात्राओं के व्यवहार में अचानक बदलाव देखा गया। इस सूचना के बाद कुछ अभिभावक छात्रावास पहुंचे। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक परिजन के साथ आए रिश्तेदार ने दावा किया कि बच्चियां “भूत-प्रेत के साए” से प्रभावित हैं। एक अभिभावक द्वारा पारंपरिक उपचार के तहत बैगा को बुलाकर छात्रावास परिसर में झाड़-फूंक कराने का प्रयास किए जाने की भी जानकारी मिली है।
अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रावास पहुंचने पर उन्हें बच्चों से आसानी से मिलने नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि यदि बच्चियों की तबीयत खराब है तो उन्हें परिवार के साथ रहने का अवसर मिलना चाहिए। सोमवार को पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के एक गांव से कुछ लोग अपनी बच्चियों को घर ले जाने पहुंचे। एक मालवाहन वाहन भी साथ लाया गया था, जिससे छात्रा को सामान सहित गांव ले जाने की तैयारी की गई। समाचार लिखे जाने तक यह गतिविधि जारी थी।
मामले में आधिकारिक पक्ष जानने के लिए पोड़ी के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) श्री दयाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। सूत्रों के मुताबिक, छात्रावास अधीक्षिका ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय को घटना की जानकारी दे दी है और उनके मौके पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उनसे भी संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
इस घटनाक्रम को लेकर “भूत-प्रेत के साए” की बात परिजनों द्वारा कही गई है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में स्वास्थ्य संबंधी कारणों की जांच आवश्यक होती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस तरह की घटनाओं को अंधविश्वास से जोड़कर देखने के बजाय चिकित्सकीय परीक्षण और परामर्श को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फिलहाल प्रशासनिक और शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट बयान का इंतजार है। मामले की जांच और छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

