SAKTI: होटल में बुलाकर जिंदा जलाया! बॉयफ्रेंड पर हत्या का आरोप, 8 दिन बाद मौत

सक्ती 15 फरवरी 2026 (नवचेतना न्यूज छत्तीसगढ़)। सक्ती थाना क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत का मामला सामने आया है। युवती की मां ने उसकी बेटी को जिंदा जलाने का आरोप उसके बॉयफ्रेंड और उसके साथियों पर लगाया है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने आदिवासी होने के कारण दबाव बनाने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की है।

8 दिन इलाज के बाद मौत

जानकारी के मुताबिक, वार्ड नंबर-11 झूलकदम निवासी दिशा मरावी (23) कॉलेज में पढ़ाई करती थी। उसकी मां मीना मरावी सरकारी स्कूल में लेक्चरर हैं। वर्ष 2008 में पति से तलाक के बाद मां-बेटी अलग रह रही थीं। दिशा का संबंध सकरेली कला निवासी सब्जी व्यापारी योगेन्द्र साहू से बताया जा रहा है।

मीना मरावी के अनुसार, 24 जनवरी 2026 दोपहर करीब 1:40 बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया कि दिशा गंभीर रूप से जली हुई हालत में बिहान नर्सिंग होम में भर्ती है। सूचना मिलते ही वह अस्पताल पहुंचीं। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बिलासपुर रेफर कर दिया, जहां बर्न यूनिट के ICU में इलाज के दौरान 1 फरवरी को उसकी मौत हो गई।

होटल में बुलाकर आग लगाने का आरोप

मां का आरोप है कि योगेन्द्र साहू ने दिशा को बाराद्वार रोड स्थित एक होटल में बुलाया। वहां विवाद के बाद मारपीट की गई और फिर उस पर तारपीन तेल डालकर आग लगा दी गई। उन्होंने इस घटना में महेन्द्र कुमार सिदार और आशीष पटेल की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है।

बताया जा रहा है कि घटना के बाद आरोपी के दोस्तों ने ही घायल अवस्था में युवती को अस्पताल पहुंचाया और बाद में अज्ञात नंबर से परिवार को सूचना दी गई।

मरने से पहले दिया था बयान?

मीना मरावी का कहना है कि अस्पताल ले जाते समय दिशा ने खुद पूरी घटना बताई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि:

• क्या युवती का डाइंग डिक्लेरेशन लिया गया?

• अगर लिया गया तो परिवार को जानकारी क्यों नहीं दी गई?

• होटल कर्मचारियों व प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ हुई या नहीं?

• CCTV फुटेज की जांच क्यों स्पष्ट नहीं की जा रही?

अभी तक गिरफ्तारी नहीं

घटना के बाद बिलासपुर के तारबाहर थाना में शून्य पर मामला दर्ज कर पोस्टमॉर्टम कराया गया। हालांकि केस डायरी अभी तक सक्ती पुलिस को नहीं मिली है।

परिजनों का आरोप है कि नामजद आरोपियों को अब तक हिरासत में नहीं लिया गया है, जिससे न्याय मिलने में देरी का डर है।

पुलिस के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ads 1

Ads1

Ads 2

Ads2