रायपुर 16 मई 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अरुण देव गौतम को प्रदेश का पूर्णकालिक डीजीपी (डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस) नियुक्त कर दिया है। वे पिछले एक साल से वर्तमान में बतौर प्रभारी डीजीपी अपनी सेवाएं दे रहे थे, जिन्हें अब पूर्णकालिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
छह जिलों में रह चुके हैं एसपी
बतौर एसपी उनका पहला जिला भोपाल था। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुना। यहां वे कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जैसे छह महत्वपूर्ण जिलों के एसपी रह चुके हैं।
आईपीएस अरुण देव गौतम की परिचय;
मूल निवासी: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव (कानपुर के पास)।
करियर: वे 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और छत्तीसगढ़ में 6 जिलों के एसपी, 2 रेंज के आईजी और गृह सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं।
सम्मान: उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक और संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया जा चुका है
अलग राज्य बनने के बाद चुना था छत्तीसगढ़ कैडर
आईपीएस अरुण देव गौतम को एसपी के तौर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली तैनाती मिली थी। इसके बाद वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश से अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुना था।
राष्ट्रपति पुलिस पदक से हो चुके हैं सम्मानित
अरुण देव गौतम को उनके कार्य कुशलता के चलते संयुक्त राष्ट्र पदक के अलावा सराहनीय सेवाओं के लिए वर्ष 2010 में भारतीय पुलिस पदक और 2018 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2002 में संघर्षग्रस्त कोसोवा में सेवा देने के लिए अरुण देव गौतम को संयुक्त राष्ट्र पदक से भी नवाजा गया है।
1992 बैच के आईपीएस
इसके बाद यूपीएससी क्रैक कर 12 अक्टूबर 1992 को आईपीएस की सर्विस जॉइन की। उन्हें पहले मध्य प्रदेश कैडर एलॉट हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग एमपी के जबलपुर में हुई। बिलासपुर जिले के सीएसपी रहें।

