KORBA दादर नाले का कहर: तेज बारिश में जलमग्न हुआ इलाका, पानी के तेज बहाव में डूबी स्कॉर्पियो

 

👉 5-7 साल से हर बारिश में जलभराव की समस्या, निरीक्षण और आश्वासन के बावजूद नहीं हुआ स्थायी समाधान

कोरबा 29 अगस्त 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। शहर में शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने दादर नाले की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की एक बार फिर पोल खोल दी। तेज बारिश के बाद नाले में पानी का बहाव अचानक बढ़ गया, जिससे आसपास का इलाका देखते ही देखते जलमग्न हो गया। पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक स्कॉर्पियो वाहन नाले के पानी में डूब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थानीय रहवासियों के मुताबिक, दादर नाले में जलभराव की समस्या आज की नहीं है। पिछले करीब 5 से 7 वर्षों से हर बारिश के दौरान इसी तरह के हालात बनते आ रहे हैं। तेज बारिश होते ही नाले का पानी आसपास के इलाकों में फैल जाता है। कई बार पानी घरों तक पहुंचने की स्थिति में आ जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ता है।

रहवासियों का कहना है कि समस्या सामने आने पर जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हैं। नाले का निरीक्षण भी किया जाता है और जल्द समाधान का भरोसा दिया जाता है, लेकिन बारिश का मौसम खत्म होते ही मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है। लोगों का आरोप है कि वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या निरीक्षण और आश्वासन के बीच ही उलझकर रह गई है।

शनिवार को स्कॉर्पियो के पानी में डूबने की घटना ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई, गहरीकरण और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था की जाती तो हर बारिश में बनने वाले ऐसे हालात से काफी हद तक बचा जा सकता था।

स्थायी समाधान की मांग

दादर नाले के आसपास रहने वाले लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से तत्काल नाले की सफाई, गहरीकरण और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। इसके साथ ही नाले के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग उठाई गई है। रहवासियों का कहना है कि अब हर साल बारिश के समय अस्थायी इंतजाम करने के बजाय समस्या का स्थायी निराकरण जरूरी है।

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