रायपुर 21 मार्च 2026 (नवचेतना न्यूज छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026’ पारित कर दिया गया। इस विधेयक में जबरदस्ती, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिनके पास गृह विभाग भी है, ने सदन में यह विधेयक पेश किया। कांग्रेस सदस्यों की अनुपस्थिति में इस पर चर्चा हुई और बाद में इसे पारित कर दिया गया।
सामूहिक धर्मांतरण पर आजीवन कारावास
नए विधेयक में अवैध धर्मांतरण कराने वालों के लिए कड़ी सजा तय की गई है। इसके तहत सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और 25 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
वहीं नाबालिग, महिलाओं, मानसिक रूप से कमजोर लोगों तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े मामलों में 10 से 20 वर्ष तक की कैद और 10 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
सभी अपराध होंगे संज्ञेय और गैर-जमानती
प्रस्तावित कानून के तहत बल, जबरदस्ती, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, गलत बयानी, कपटपूर्ण साधनों या विवाह के माध्यम से किए गए धर्मांतरण को प्रतिबंधित किया गया है।
इसके साथ ही सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से किए गए धर्मांतरण भी कानून के दायरे में लाए गए हैं।
विधेयक के अनुसार सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे। उल्लंघन करने वालों को कम से कम 7 वर्ष की सजा, जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, और कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।
30 दिन के भीतर दर्ज हो सकेंगी आपत्तियां
प्रस्तावित धर्मांतरण की जानकारी 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक की जाएगी और 30 दिनों के भीतर आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। जांच के बाद प्रशासन आदेश जारी करेगा।
विधेयक में पीड़ितों को 10 लाख रुपए तक मुआवजा देने और मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन का भी प्रावधान किया गया है।
कांग्रेस ने किया बहिष्कार
विधेयक पेश किए जाने के दौरान कांग्रेस सदस्यों ने इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मांग खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
मुख्यमंत्री साय ने बताया ऐतिहासिक फैसला
विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह कानून उन लोगों पर रोक लगाएगा जो लोगों की अशिक्षा, गरीबी और अज्ञानता का फायदा उठाकर प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराते हैं। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक दिन है।

