कोरबा 28 मार्च 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांकी मोंगरा अंतर्गत ग्राम ढपढप में शनिवार से पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा का श्रवण कराने बागेश्वर सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कोरबा पहुंचते ही श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने उपस्थित भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया, वहीं अपना घर सेवा आश्रम के बच्चों और महिलाओं ने कथा व्यास व हनुमान जी की आरती उतारी।
पंडित शास्त्री ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सराहना करते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ बड़ा प्यारा राज्य है और कोरबा तो बहुत ही प्यारा है। अगर कोरबा कोयला ना दे, तो हमारे मध्य प्रदेश में लाइट ना रहे।” उन्होंने पहली बार कोरबा आने पर खुशी जताई और छत्तीसगढ़ महतारी का जयकारा लगाते हुए माता सर्वमंगला को नमन किया।
सेवा कार्यों की सराहना
कथा के दौरान पंडित शास्त्री ने राणा मुखर्जी और उनकी पत्नी द्वारा संचालित “अपना घर सेवा आश्रम” के कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दंपत्ति उन लोगों का सहारा बना है जिनका कोई नहीं, और जब तक भगवान विश्वनाथ, बागेश्वर नाथ और जगन्नाथ हैं, तब तक इस जगत में कोई अनाथ नहीं हो सकता।
‘घर वापसी’ का दिया संदेश
उन्होंने बताया कि वे 1 अप्रैल तक कोरबा में रहेंगे, जहां कथा के साथ-साथ दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा। इस दौरान कोरबा, रायगढ़, जशपुर और बिलासपुर के लोगों से उन्होंने अपील की कि जो भी ‘घर वापसी’ करना चाहते हैं, उनका स्वागत है।
हास-परिहास से बांधा समां
कथा के दौरान पंडित शास्त्री ने अपने अंदाज में हास-परिहास करते हुए “छुरी” गांव का जिक्र किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि छुरी नाम सुनकर एक पल के लिए घबरा गए थे, अभी तो हमारी शादी नहीं हुई है। लेकिन बाद में पता चला कि यह गांव का नाम छुरी है, जिस पर पंडाल में ठहाके गूंज उठे।
जिंदल एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार दोपहर 1:45 बजे रायगढ़ जिले के जिंदल एयरपोर्ट पर प्राइवेट जेट से पहुंचे, जहां जय श्रीराम के जयघोष, फूल-मालाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला रायगढ़ से कोरबा के लिए रवाना हुआ और शाम करीब 4 बजे कथा स्थल ढपढप पहुंचा, जहां हजारों भक्त उनकी एक झलक पाने के लिए इंतजार करते नजर आए।


