रेप केस दर्ज होते ही पंचायत का फरमान; पीड़िता के परिवार का बहिष्कार, समाज में लौटने के लिए बकरा-भात और शराब की मांग

 

बलरामपुर 7 मार्च 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित रेप पीड़िता और उसके परिवार का गांव की पंचायत ने सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। इतना ही नहीं, समाज में दोबारा शामिल करने के लिए पंचायत ने पीड़िता के परिवार के सामने बेहद अपमानजनक शर्तें भी रख दी हैं।

जानकारी के अनुसार पीड़िता और आरोपी युवक एक ही गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब एक साल से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। बताया जा रहा है कि युवक ने युवती से शादी का वादा किया था और इसी दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। कुछ समय बाद युवती गर्भवती हो गई। जब उसने युवक को गर्भवती होने की जानकारी देकर शादी की बात कही तो युवक हर बार उसे टालता रहा।

करीब सात महीने बाद युवक ने शादी से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने पूरे मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजन युवती को लेकर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

इधर युवक की गिरफ्तारी के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में पीड़िता के परिवार पर आरोप लगाया गया कि युवती ने युवक को झूठे मामले में फंसाया है और गर्भ में पल रहा बच्चा भी आरोपी का नहीं है। पंचायत ने इसी आधार पर पीड़िता और उसके परिवार को 12 साल तक समाज से बहिष्कृत करने का फैसला सुना दिया।

पंचायत ने समाज में दोबारा शामिल होने के लिए भी कुछ शर्तें रखीं। पंचायत के फैसले के अनुसार यदि पीड़िता और उसका परिवार अपनी गलती स्वीकार करता है तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उसी पानी से स्नान करना होगा। साथ ही समाज के सभी लोगों को बकरा-भात और शराब खिलाने-पिलाने की भी शर्त रखी गई है।

वहीं इस मामले में वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नन्देहा ने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से सामाजिक बहिष्कार की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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