रायपुर 09 मार्च 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम निर्विरोध सांसद निर्वाचित हुई हैं। सोमवार को दोनों नेत्री विधानसभा पहुंचकर अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
प्रमाण पत्र लेने के बाद दोनों सांसदों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की खुशी साझा की और गले मिलकर बधाई दी। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और समर्थक भी मौजूद रहे, जिन्होंने दोनों नेताओं को शुभकामनाएं दीं।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव में नामांकन वापसी के बाद दोनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुई थीं। इसके बाद सोमवार को उन्होंने विधानसभा पहुंचकर आधिकारिक तौर पर अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र लिया। इस मौके पर दोनों सांसदों ने पार्टी नेतृत्व और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे राज्यसभा में छत्तीसगढ़ और यहां की जनता के हितों को मजबूती से उठाने का काम करेंगी।
पहली बार दोनों दलों ने महिला उम्मीदवार उतारी
राज्यसभा चुनाव के लिए यह पहली बार हुआ है जब भाजपा और कांग्रेस दोनों ने महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा और वे निर्विरोध निर्वाचित भी हुईं। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं। अब इनमें से तीन सीटों पर महिला सांसद होंगी। हालांकि कांग्रेस की सांसद रंजीता रंजन का कार्यकाल मई में समाप्त हो जाएगा।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो पहले पांच में से चार राज्यसभा सांसद कांग्रेस के थे, लेकिन अब भाजपा की संख्या बढ़ेगी। भाजपा के राज्यसभा में दो सदस्य हो जाएंगे, जबकि कांग्रेस के तीन सदस्य रहेंगे। दोनों ही पार्टियों ने इस बार जातिगत और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवारों का चयन किया है।
विधानसभा चुनाव में नहीं मिला था टिकट
एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि राज्यसभा के लिए चुनी गई दोनों महिला नेताओं ने 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन उस समय पार्टियों ने उन्हें मौका नहीं दिया था। अब राज्यसभा भेजकर दोनों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फूलोदेवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आती हैं और कांग्रेस की प्रमुख महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। वे लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुनी गई हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।
वहीं भाजपा की लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से पार्टी में सक्रिय हैं और प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। वे रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह पहली बार है जब दोनों प्रमुख दलों ने राज्यसभा के लिए महिला उम्मीदवारों को चुना और वे निर्विरोध सांसद बनीं।

