कोरबा 20 मई 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री के कर-कमलों से प्रदेशभर के 33 जिलों के लिए “नेक्स्ट जेन CG Dial-112” सेवा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान 400 से अधिक अत्याधुनिक Dial-112 वाहनों एवं 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इसी कड़ी में कोरबा जिले को 22 आधुनिक Dial-112 वाहन प्राप्त हुए हैं, जिनका आज विधिवत शुभारंभ किया गया। इन वाहनों को जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों तक पुलिस सहायता और अधिक तेज़ी एवं प्रभावशीलता के साथ पहुंच सकेगी।
अत्याधुनिक तकनीकों से लैस इन वाहनों में स्मार्टफोन, GPS ट्रैकिंग सिस्टम, वायरलेस रेडियो, PTZ एवं डैश कैमरा, मोबाइल NVR तथा सोलर बैकअप जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रीयल-टाइम ट्रैकिंग एवं त्वरित संचार व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
Dial-112 सेवा अब प्रदेशवासियों के लिए और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बन गई है। सड़क दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सहित किसी भी आपात स्थिति में नागरिक वॉयस कॉल, SMS, ईमेल, वेब पोर्टल, WhatsApp, चैटबॉट एवं SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
कोरबा जिले के लिए इन संसाधनों से सुसज्जित वाहनों को प्राप्त करने हेतु जिले के 24 अधिकारी एवं कर्मचारी रायपुर में उपस्थित रहे। पुलिस विभाग ने इसे केवल एक सेवा नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और भरोसे की “लाइफलाइन” बताया है। इन वाहनों में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी 24×7 तत्परता एवं समर्पण के साथ आमजन की सेवा में कार्य करेंगे।
कोरबा पुलिस एवं जिला प्रशासन ने राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नागरिकों को आश्वस्त किया है कि संकट की हर घड़ी में त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
मुख्य विशेषताएं :
🔹 कोरबा जिले को मिले 22 अत्याधुनिक Dial-112 वाहन
🔹 प्रदेश के सभी 33 जिलों में सेवा का विस्तार
🔹 24×7 आपातकालीन सहायता सुविधा
🔹 GPS, PTZ कैमरा, डैश कैम एवं लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस वाहन
🔹 महिलाओं, बच्चों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
🔹 त्वरित प्रतिक्रिया एवं बेहतर पुलिस सहायता व्यवस्था सुनिश्चित
“सुरक्षित, संवेदनशील एवं सशक्त छत्तीसगढ़” की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल मानी जा रही है।

