जांजगीर चांपा 03 जून 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गए जांजगीर-चांपा जिले के 41 श्रमिकों समेत कुल 50 लोगों को बंधक बनाकर जबरन काम कराने और उचित मजदूरी नहीं देने का मामला सामने आया है।
शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और तमिलनाडु प्रशासन के सहयोग से सभी श्रमिकों को मुक्त कराकर उनकी सुरक्षित घर वापसी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने स्वयं श्रमिकों से दूरभाष पर चर्चा कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
रोजगार के लिए तमिलनाडु गए जांजगीर-चांपा जिले के 41 श्रमिकों सहित महिलाओं और बच्चों समेत कुल 50 लोगों को बंधक बनाकर जबरन काम कराए जाने तथा उचित मजदूरी नहीं दिए जाने के मामले में जिला प्रशासन की तत्परता से बड़ी राहत मिली है। तमिलनाडु राज्य के तिरुवल्लूर जिले के देवांद्वकाम ग्राम में कार्यरत इन श्रमिकों के संबंध में शिकायत प्राप्त होने के बाद दोनों राज्यों के प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी लोगों को सुरक्षित मुक्त कराया।
मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लिया और तिरुवल्लूर जिला प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर श्रमिकों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। जिला प्रशासन द्वारा लगातार समन्वय स्थापित करते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की सहायता से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू किए गए लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
कलेक्टर ने श्रमिकों से दूरभाष पर चर्चा कर जाना उनका हालचाल
कलेक्टर महोबे ने स्वयं श्रमिकों से दूरभाष पर चर्चा कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्रमिकों से कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या आवश्यकता होने पर तत्काल जिला प्रशासन को जानकारी दें, ताकि त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
श्रमिकों के लिए भोजन, यात्रा टिकट और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था
जिला प्रशासन के अनुसार तिरुवल्लूर प्रशासन द्वारा सभी श्रमिकों के लिए भोजन, यात्रा टिकट और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। साथ ही उन्हें अवमुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे उनकी वापसी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। जिला श्रम पदाधिकारी समीर मिश्रा ने बताया कि प्रशासन लगातार श्रमिकों और तमिलनाडु के अधिकारियों के संपर्क में है।
सभी श्रमिकों के अपने गृह ग्राम तक सुरक्षित पहुंचने तक निगरानी और समन्वय जारी रहेगा। इसके अलावा प्रभावित श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
श्रमिकों एवं उनके परिजनों ने ली राहत की सांस
जिला प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से श्रमिकों एवं उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। जल्द ही सभी श्रमिक अपने घर पहुंचेंगे, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अदालत ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए 25 जनवरी 2024 का खारिजी आदेश रद कर दिया है। साथ ही ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि मामले को रिकार्ड पर पुनः बहाल कर दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुण-दोष के आधार पर निर्णय किया जाए।

