कोरबा–बांकीमोंगरा 05 फरवरी 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र से जुड़े एक पुराने भूमि विवाद मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बांकी चौक मुख्य मार्ग पर स्थित रामकरण अग्रवाल की जमीन के सीमांकन प्रतिवेदन में कथित कूट रचना के आरोप में 8 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद तीन राजस्व अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामकरण अग्रवाल की उक्त भूमि पर दिनेश अग्रवाल सहित 13 अन्य व्यापारियों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था। पीड़ित रामकरण अग्रवाल ने इसकी शिकायत कलेक्टर कार्यालय में करते हुए जिला स्तरीय सीमांकन टीम से भूमि का नाप-सीमांकन कराए जाने का आवेदन दिया था।
कलेक्टर कोरबा के निर्देश पर जिला स्तरीय सीमांकन टीम गठित की गई, जिसमें भू-अभिलेख अधीक्षक जे.पी. सिंह सहित राजस्व अधिकारी हरिशंकर यादव, रामसेवक सोनी एवं अन्य अधिकारी शामिल थे। दिनांक 03 मार्च 2016 को पीड़ित पक्षकार एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में विवादित भूमि का विधिवत सीमांकन किया गया। सीमांकन प्रतिवेदन में सभी अवैध कब्जेदारों के नाम एवं उनके द्वारा किए गए अवैध कब्जे का रकबा स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया, साथ ही सभी पक्षकारों के हस्ताक्षर भी लिए गए।
पीड़ित पक्षकार द्वारा मौके पर सीमांकन प्रतिवेदन की अपने मोबाइल से फोटो ली गई थी। आरोप है कि इसके बाद सीमांकन दल ने अतिक्रमणकारी दिनेश अग्रवाल के प्रभाव में आकर सीमांकन प्रतिवेदन से छेड़छाड़ करते हुए उसके द्वारा किए गए अवैध कब्जे का दर्ज रकबा शून्य कर दिया, जिससे उसे अनुचित लाभ मिल सके।
जब पीड़ित ने नकल शाखा से सीमांकन प्रतिवेदन की प्रति प्राप्त की, तो मौके पर तैयार प्रतिवेदन और नकल शाखा से प्राप्त प्रति में भारी अंतर पाया गया। इसके बाद पीड़ित ने सीमांकन प्रतिवेदन में कूट रचना किए जाने की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की।
जांच में आरोप सही पाए जाने पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर वर्ष 2018 में थाना बांकीमोंगरा में संबंधित अधिकारियों एवं दिनेश अग्रवाल के विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471 के तहत अपराध दर्ज किया गया। इस दौरान प्रभारी भू-अभिलेख अधीक्षक जे.पी. सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी लंबे समय तक लंबित रही।
लगातार 8 वर्षों तक कार्रवाई नहीं होने से आहत पीड़ित पक्षकार ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका दायर की। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश के पश्चात बांकीमोंगरा पुलिस ने आज राजस्व विभाग के तीन अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को गिरफ्तार कर कटघोरा न्यायालय में पेश किया, जहां से जमानत न मिलने पर उन्हें उपजेल कटघोरा भेज दिया गया।
हालांकि, इस प्रकरण में अभी भी कुछ अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि बांकीमोंगरा पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक करती है। फिलहाल, इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है।

