ACB का बड़ा एक्शन; बाबू और ASI रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

 

बिलासपुर/सक्ती 10 मई 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बिलासपुर और सक्ती जिले में ACB ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बाबू और एक ASI को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही कार्रवाई से आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ी है और अब लोग रिश्वत देने के बजाय भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों की शिकायत कर उन्हें पकड़वाने का साहस दिखा रहे हैं।

जुर्माना कम कराने के नाम पर बाबू गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार करगी रोड कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप ने ACB बिलासपुर से शिकायत की थी कि वह कोटा में होटल संचालित करता है। अगस्त 2025 में फूड सेफ्टी जांच के दौरान होटल में खाद्य सामग्री खुली अवस्था में मिलने पर उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह प्रकरण अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के यहां लंबित था।

शिकायत में बताया गया कि कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 विजय पांडेय ने जुर्माना राशि एक लाख रुपए तक होने की बात कहकर उसे 30 हजार रुपए तक कराने का भरोसा दिया और इसके एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत का सत्यापन करने पर मामला सही पाया गया। जांच के दौरान आरोपी पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था, जबकि बाकी 15 हजार रुपए लेने की तैयारी में था।

इसके बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। आरोपी ने प्रार्थी को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय बुलाया, जहां 15 हजार रुपए लेते ही ACB टीम ने विजय पांडेय को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

ढाबे में रिश्वत लेते पकड़ा गया ASI

दूसरे मामले में सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) एस.एन. मिश्रा को ACB ने 20 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। बालपुर निवासी शिव प्रसाद बरेठ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मारपीट के एक मामले में उसके और परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई से बचाने के बदले ASI ने 40 हजार रुपए की मांग की थी।

जांच में सामने आया कि आरोपी ASI पहले ही 20 हजार रुपए ले चुका था और बाकी रकम लेने के लिए दूसरी किश्त तय की गई थी। ACB ने योजना के तहत शिकायतकर्ता को चंद्रपुर स्थित गुड्डू ढाबा भेजा। जैसे ही ASI ने 20 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। मौके से रिश्वत की रकम भी जब्त कर ली गई।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

दोनों मामलों में कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। ACB अधिकारियों ने साफ कहा है कि रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत करें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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