BREAKING NEWS: करही गोलीकांड का खुलासा, पैसों के विवाद और कारोबारी रंजिश में रची गई थी हत्या की साजिश

 

जांजगीर-चांपा 23 मई 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम करही में हुए चर्चित गोलीकांड और हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन हंट” के तहत पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उधारी के पैसों को लेकर चल रहे विवाद, मृतक आयुष कश्यप के बढ़ते प्रभाव और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई थी।

23-24 अप्रैल 2026 की रात तीन नकाबपोश बदमाश घर में घुसे और आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और विशेष टीम गठित कर जांच तेज कर दी। गांव में विशेष पुलिस कैंप लगाकर लगातार निगरानी और कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीमों ने 7 राज्यों में दबिश दी। 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए, साइबर तकनीक की मदद ली गई और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान पुलिस को आरोपियों और मृतक परिवार के बीच पुराने आर्थिक विवादों की जानकारी मिली, जिसने जांच को नई दिशा दी।

प्रशिक्षण से लौटने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने “ऑपरेशन हंट” शुरू किया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक परिवार के साथ उधारी के पैसों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। वहीं आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव से आरोपी खुद को पीछे महसूस कर रहे थे। इसी जलन और प्रतिशोध की भावना में हत्या की साजिश तैयार की गई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात की रात आरोपी पहले से घर के आसपास मौजूद थे। CCTV कैमरा तोड़ने के बाद वे घर के अंदर घुसे, मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर गोलीबारी कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

फिलहाल पुलिस मामले के मुख्य साजिशकर्ता और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है। इस पूरे हत्याकांड के खुलासे में पुलिस अधिकारियों, साइबर सेल और जिला पुलिस बल की भूमिका को सराहनीय बताया गया है।

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