कन्नौजिया राठौर समाज के सामाजिक भवन हेतु भूमि आबंटन की मांग, मुख्यमंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल

 

रायपुर 26 जून 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ कन्नौजिया राठौर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 23 जून 2026 ( मंगलवार) को प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर राजधानी रायपुर में समाज के सामाजिक भवन निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि आबंटित करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि समाज की विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन के लिए राजधानी में एक सामाजिक भवन की अत्यंत आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण एवं नियमानुसार उचित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करने का आश्वासन दिया।


इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक शक्ति श्रीमती सरोजा राठौर, श्री मनहरन राठौर (पूर्व सामाजिक अध्यक्ष), श्री चुन्नीलाल साहू (पूर्व विधायक अकलतरा), श्रीमती उमा राठौर (जिला पंचायत सदस्य, चांपा), सुश्री आशा साव(जिला पंचायत सदस्य),श्री सत्यानारायण राठौर (कमिश्नर, जिला दुर्ग), श्री हरीश राठौर (पुलिस अधीक्षक रायपुर),श्री हेमचंद राठौर (केंद्रीय अध्यक्ष, कन्नौजिया राठौर समाज), श्री चुनामणि राठौर (जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व सामाजिक अध्यक्ष), श्री राघवेंद्र राठौर (केंद्रीय महासचिव, कन्नौजिया राठौर समाज), श्री अर्जुन राठौर (पूर्व महासचिव, कन्नौजिया राठौर समाज), श्री के.पी. राठौर (सेवानिवृत्त कार्यकारी अभियंता), श्री अवधकिशोर राठौर (सेवानिवृत्त कार्यकारी अभियंता), श्री बी.एस. राठौर (सेवानिवृत्त कार्यकारी अभियंता), श्री रामजी राठौर (सेवानिवृत्त महाप्रबंधक), श्री ओमप्रकाश राठौर (अध्यक्ष, कन्नौजिया राठौर समाज, रायपुर), श्री अशोक कुमार राठौर (सचिव, कन्नौजिया राठौर समाज, बिलासपुर), श्री गिरवर प्रसाद राठौर (सेवानिवृत्त सीडीएम), श्री विवेक राठौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), डॉ. मृत्युंजय राठौर (प्राध्यापक,एम्स रायपुर), श्री बेनीराम राठौर, श्री तरुण राठौर (सेवानिवृत्त संचालक), श्री महावीर राठौर ,श्री राजेन्द्र कुमार राठौर, श्री भगवत प्रसाद राठौर, श्री रोहित कुमार राठौर सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि सामाजिक भवन के लिए भूमि उपलब्ध होने से समाज की भावी पीढ़ियों को सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक सशक्त मंच प्राप्त होगा तथा समाज के संगठनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी।

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