सक्ती 27 जून 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला-सक्ती एवं न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, जिला-सक्ती के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में संरक्षण प्राप्त दो नाबालिग बच्चों को आज उनके पिता के सुपुर्द किया गया।
उल्लेखनीय है कि दोनों नाबालिग बच्चों को पूर्व में चाइल्ड हेल्पलाइन, कानपुर नगर द्वारा संरक्षण प्रदान कर न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, कानपुर नगर के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, कानपुर नगर द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्यवाही उपरांत प्रकरण को आगे की कार्यवाही एवं पुनर्वास के लिए न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, जिला-सक्ती (छत्तीसगढ़) के समक्ष स्थानांतरित किया गया।
प्रकरण में समय की बचत, संसाधनों के प्रभावी एवं अधिकतम उपयोग तथा वैधानिक प्रक्रियाओं के अनावश्यक दोहराव को कम करने के उद्देश्य से न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, जिला-सक्ती (छत्तीसगढ़) एवं न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, कानपुर नगर (उत्तर प्रदेश) के मध्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समन्वय स्थापित कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही संपादित की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बच्चों की पहचान, उपलब्ध अभिलेखों, सामाजिक अन्वेषण प्रतिवेदन, परामर्श प्रतिवेदन तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों का परीक्षण करते हुए तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों एवं बच्चों के सर्वोत्तम हित (Best Interest of the Child) को दृष्टिगत रखते हुए न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, जिला-सक्ती द्वारा दोनों नाबालिग बच्चों को उनके पिता के सुपुर्द किए जाने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, जिला-सक्ती द्वारा बच्चों के सुरक्षित पुनर्वास, संरक्षण एवं समुचित देखभाल सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक परामर्श एवं दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।
जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि किसी भी बच्चे के संबंध में संरक्षण, सुरक्षा, शोषण अथवा संकट की स्थिति की जानकारी प्राप्त हो तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि बच्चों को समय पर आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

