KORBA; आंधी-तूफान में चरमराई बिजली व्यवस्था, घंटों अंधेरे में डूबा रहा शहर

 

👉 बालको में रात 2:30 बजे तक गुल रही बिजली, 4 साल से अलग बिजली जोन का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में

कोरबा 31 मार्च 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। जिले में सोमवार दोपहर को आए आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने बिजली विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। तेज हवाओं और बारिश के चलते शहर सहित आसपास के उपनगरों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सबसे अधिक असर बालको क्षेत्र के भदरापारा, पाड़ीमार और नेहरूनगर में देखने को मिला, जहां देर रात करीब 2:30 बजे तक बिजली गुल रही। उमस भरी गर्मी में बिजली नहीं होने से लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए स्थिति और भी गंभीर रही।

ऊर्जा नगरी के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा में हर साल गर्मी की शुरुआत के साथ ही बिजली व्यवस्था की कमजोरियां उजागर हो जाती हैं। आंधी-तूफान के दौरान मामूली व्यवधान में भी घंटों बिजली गुल रहना विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

इसी बीच एक बड़ा मुद्दा यह भी सामने आया है कि विगत 4 वर्षों से बालको को अलग बिजली जोन बनाए जाने का प्रस्ताव विभागीय दफ्तरों में लंबित पड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में तैयार फाइल पिछले चार सालों से धूल खा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बालको को अलग बिजली जोन बना दिया जाता, तो क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति काफी हद तक सुधर सकती थी। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते आज भी लोग बार-बार होने वाली बिजली कटौती का खामियाजा भुगतने को मजबूर हैं।

बिजली व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि हर साल सुधार के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

अब देखना यह होगा कि भीषण गर्मी के पहले बिजली विभाग अपनी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कितनी तेजी से ठोस कदम उठाता है, या फिर इस बार भी लोगों को अंधेरे और गर्मी में ही दिन-रात गुजारने पड़ेंगे।

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