रायपुर 06 मई 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक, सदस्य सरला कोसरिया, ओजस्वी मंडावी एवं दीपिका शोरी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर आज 394 वी. एवं रायपुर जिले में 183 वी. जनसुनवाई की गई।
आज के एक प्रकरण में आवेदिका की मृतक बहन जो अनावेदक की पत्नी थी। उसकी मृत्यु दिनांक 06/07/2024 को हो गयी घटना का कारण फांसी से मृत्यु थी। जिसपर थाना सिहावा द्वारा जांच किया जा रहा है। जिसमें अभी तक फाॅरेंसिंक रिपोर्ट नही आयी है। आयोग द्वारा इस प्रकरण मे थाना सिहावा से जांच रिपोर्ट मंगाया जायेगा ताकि प्रकरण को आगे सुना जा सके व अंतिम निर्णय लिया जा सके। आवेदिका ने बताया कि उसकी मृतक बहन की शादी का सामान भी अनावेदकगणों के पास है आयोग की समझाईश पर अनावेदन पक्ष आवेदिका को शादी का सामान वापस करने के लिए तैयार हुए। सामान वापसी के बाद आयोग में रिपोर्ट प्रेषित करेंगे, तत्पश्चात् आगे की कार्यवाही की जायेगी।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका अनावेदकगणों की सास व मां है। अनावेदक आवेदिका के मकान के नीचले हिस्से मे रहते है। मकान का किराया, बिजली बिल नही देते है व बात व्यवहार भी नही करते है। आयोग की समझाईश पर अनावेदकगण आवेदिका को प्रतिमाह 5 हजार रू. देने के लिए तैयार हुए।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने आवेदन प्रस्तुत किया कि अनावेदकगण व बैंक पर एफआईआर दर्ज कराते हुए घर वापस दिलाया जाये। वही अनावेदक के द्वारा आवेदन व दस्तावेज प्रस्तुत किया जिसमें दिवानी न्यायालय में अनावेदक द्वारा 04/05/2026 को एक दिवानी वाद प्रस्तुत किया जिसमें वसीयतनामा का एक्सीक्यूशन कराने मामला प्रस्तुत किया है। आवेदिका का संपूर्ण प्रकरण फर्जी वसीयतनामा के आधार पर आयोग मे प्रस्तुत है जो कि अपने पिता की इकलौती वारिसान है। और उनके पिता की संपत्ति जिसमें उनकी मां का नाम आया है उनके फर्जी हस्ताक्षर कराकर बैंक लोन लिया है। आयोग द्वारा उभय पक्ष के मामले में प्रकरण का निराकरण न्यायालय में कराने की सलाह दिया। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
एक प्रकरण के दौरान आवेदिका और अनावेदक जो कि आपस मे पति-पत्नि है के मध्य सुलह का प्रयास कराया गया। जिसमें 17 माह की बच्ची के हित में दोनो पक्षों ने साथ मे रहने का फैसला किया। आयोग के समक्ष अनावेदक आवेदिका को अपने साथ लेकर जायेगा।
एक अन्य प्रकरण मे आवेदिका ने बताया कि अनावेदक ने लगभग 3 वर्ष का 17 हजार रू. मासिक की दर से किराया नही दिया है व बहाने बनाकर एग्रीमेंट रिन्यू भी नहीं कराकर बत्तमीजी भी करता है। ऐसी दशा में आवेदिका को अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सलाह आयोग द्वारा दिया गया तथा समझाईश दी गई कि वह अपने प्रकरण का निराकरण भाड़ा नियंत्रक अधिकारी के पास जाकर करा सकती है। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदक उन्हें परेशान कर रहा है और उसकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। इस स्तर पर आवेदिकागणों को समझाईश दिया गया कि अपनी जमीन के कब्जे पर वह स्वयं बनी रह सकती है और यदि अनावेदक उसमे कोई बाधा डालता है तो वह अनावेदक के खिलाफ थाना- नारायणपुर में जाकर एफआईआर दर्ज करा सकती हैं इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।

