कोरबा 11 मई 2026 (नवचेतना न्यूज़ छत्तीसगढ़)। जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग की कार्यशैली और डीएमएफ फंड के उपयोग को लेकर सोमवार को जिला पंचायत परिसर में जमकर हंगामा देखने को मिला। भाजपा समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह के नेतृत्व में कई जिला पंचायत सदस्य और उनके पति धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। सदस्यों के साथ उनके पतियों की सक्रिय मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही।
जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत सीईओ पर मनमानी, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और विकास कार्यों में कथित कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए। जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने कहा कि सीईओ की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास सीईओ के व्यवहार और कार्यशैली से जुड़ी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव में कई सीईओ आए, लेकिन वर्तमान सीईओ जैसा रवैया कभी देखने को नहीं मिला। उनका आरोप था कि सामान्य सभा और जनप्रतिनिधियों की राय को दरकिनार कर एकतरफा निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो 10 जून को जिला पंचायत कार्यालय में ताला जड़ दिया जाएगा।
बताया गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चेंबर में विकास कार्यों और निर्माण योजनाओं को लेकर बैठक रखी गई थी, जिसमें सीईओ दिनेश कुमार नाग को भी बुलाया गया था। आरोप है कि करीब तीन घंटे इंतजार कराने के बाद भी सीईओ बैठक में नहीं पहुंचे। बाद में जब वे अपने चैंबर से बाहर निकले तो सदस्यों ने उन्हें रोककर चर्चा करने की कोशिश की, लेकिन “अभी समय नहीं है” कहकर वे वहां से निकल गए। इसके बाद नाराज सदस्यों ने परिसर में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने आरोप लगाया कि डीएमएफ फंड से जुड़े विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और योजनाओं के चयन में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है। उनका कहना था कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका केवल औपचारिक बनकर रह गई है। सदस्यों ने जिला पंचायत में कथित कमीशनखोरी की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।
भाजपा समर्थित सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया और कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

